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बिहार के बाद मचेगा असली बवाल
बिहार चुनाव परिणाम के बाद असली बवाल मचने की संभावना है।
क्योंकि बिहार चुनावों से सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने कई उम्मीदें लगा रखी हैं।
अभी भाजपा को अपना सबसे पेचिदा मामला हल करना है। उसे अपना नया अध्यक्ष बनाना
है। बिहार में 14 नवंबर को चुनाव परिणाम सामने आ जाएंगे।
इसमें इंडिया गठबंधन चुनाव जीते या एनडीए इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। ऐसा
भी नहीं है कि अगर बिहार चुनाव में भाजपा येनकेन प्रकारेण चुनाव जीत गई तो
आरएसएस पूरी भाजपा को टीम मोदी और उनके साथियों के हवाले करके किनारे हो जाएगी।
आरएसएस को हर हाल में भाजपा को अपने कब्जे में रखना है। आएएसएस अपने आदमी को भाजपा का अध्यक्ष बनाने पर अड़ी हुई
है। बिहार चुनाव से केन्द्र में सांसदों की संख्या में कोई बदलाव नहीं आने वाला
है। यह भी कहा जा सकता है कि बिहार चुनावों के बाद केन्द्र में एनडीए सांसदों
की संख्या ही घट जाए। यह बात भी एनडीए खेमें को पता है कि आरएसएस बिहार में
सबसे अधिक कमजोर है। यदि आरएसएस बिहार में मजबूत होती तो वह कबकि वहां सरकार
बना चुकी होती। जारी..
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सरकार ने मानदेय
बढ़ाए
पंचायती चुनावों को देखते हुए हिमाचल सरकार ने पंचायती राज
संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा शहरी निकाय के प्रतिनिधियों को मिलने वाले मानदेय
में भी बढ़ोत्तरी कर दी है। इसे सुक्खू सरकार की ओर से दीपावली का तोहफा भी कहा
जा रहा है। अब जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय एक हज़ार रुपए बढ़ाकर
25,000 रुपए, उपाध्यक्ष के मानदेय एक हज़ार रुपए बढ़ाकर 19000 रुपये, जिला परिषद
के सदस्यों के मानदेय में 500 रुपए की वृद्धि के बाद 8300 रुपए, पंचायत समिति
अध्यक्ष के मानदेय में 600 रुपए की वृद्धि के साथ इसे 12 हज़ार रुपए, उपाध्यक्ष
पंचायत समिति के मानदेय में 600 रुपए बढ़ाकर 9000 रुपए, सदस्य पंचायत समिति के
मानदेय में 300 रुपए वृद्धि कर 7500 रुपए, ग्राम पंचायत प्रधान के मानदेय में
300 रुपए की वृद्धि के साथ 7500, उप प्रधान के मानदेय में 300 रुपए की बढ़ोत्तरी
कर इसे 5100 रुपए, ग्राम पंचायत सदस्य के मानदेय में 600 रुपए की बढ़ोत्तरी कर
इसे 2100 रुपए किया गया है। नगर निगम के मेयर के मानदेय में एक हज़ार रुपए की बढ़ौतरी
कर इसे 25 हज़ार रुपए, डिप्टी मेयर के मानदेय में एक रुपए बढ़ाकर 19 हज़ार रुपए,
पार्षदों के मानदेय में एक हज़ार रुपए बढ़ौतरी कर 9400 रुपए किया है।
जारी
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