Home Page

विभाग हासिल नहीं कर पाया 6500 करोड़ जीएसटी का लक्ष्‍य

करीब दो गुना लक्ष्‍य को प्राप्‍त करना आसान नहीं...

निजी संवाददाता

     शिमला : राज्य में जीएसटी कलेक्शन का वार्षिक लक्ष्य 6500 करोड़ रुपए तय किया गया था। यह बहुत बड़ा लक्ष्य आबकारी कराधान विभाग को दिया गया है जो व्यापारियों की हालत और पतली कर देगा। व्यापारी इसे लोगों से वसूल करेंगे जिनकी आर्थिक हालत बद से बदत्तर हो चुकी है। अब इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आबकारी कराधान विभाग को आगामी तीन माह में दो हजार करोड़ रुपए जुटाने होंगे। यह अंदाजा भी सहजता से लगाया जा सकता है कि विभाग इस लक्ष्य को कैसे प्राप्त करेगा।
     हिमाचल में जीएसटी कलेक्शन दिसंबर तक 4403.47 करोड़ रुपए तक ही पहुंच पाया है। जबकि पिछले वर्ष 2023 में दिसंबर तक यह कलेक्शन 3942.72 करोड़ रुपए तक ही पहुंच सका था। जाहिर है करीब दुगना लक्ष्य हासिल करने के लिए लोगों को अच्छे से निचोड़ा जाएगा। इस साल दिसंबर तक आबकारी कराधान विभाग ने 12 फीसदी ज्यादा राजस्व जुटाने में कामयाबी हासिल कर ली है। कहते हैं यह वसूली पर्याप्त नहीं है। दिसंबर महीने में जीएसटी कलेक्शन करीब 434 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है।
     बीते साल के मुकाबले इस बार आईजीएसटी भी 16 फीसदी बढ़ गया है। 2023 में 31 दिसंबर तक जीएसटी कलेक्शन 1929.29 करोड़ रुपए थी जो अब बढ़कर 2041.88 करोड़ रुपए हो चुकी है। दोनों साल के बीच जीएसटी कलेक्शन में 112.56 करोड़ रुपए का बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। आईजीएसटी में 31 दिसंबर, 2023 तक 2230.88 करोड़ रुपए राजस्व जुटाया गया था। इस साल यह बढ़कर 2587.82 करोड़ रुपए हो गया है। दोनों साल के दरम्यान 356.94 करोड़ रुपए का अंतर सामने आया है जो 16 फीसदी बन रहा है, जबकि रिकवरी रिफंड में इस बार चार फीसदी का अंतर देखने को मिल रहा है।
     इससे पहले नवंबर माह में विभाग ने 550.52 करोड़ रुपए की कलेक्शन की थी। आबकारी एवं कराधान विभाग को इस साल 6500 करोड़ रुपए का टारगेट राज्य सरकार से मिला है। अब यह लक्ष्य लचीला रुख अपनाने से तो हांसिल नहीं होगा।

 
Home Page