गांधी का भजन गायी, जान आफत में
आई
रघुपति राधव राजा राम, सबको
सम्मति दे भगवान...
‘गांधी जी का प्रिय भजन गायी
और जान आफत में आई’। क्या कभी यह बात भारत वर्ष में सोची जा सकती थी, लेकिन अब
सोची जा सकती है। महात्मा गांधी के नाम से बने बापू सभागार में ही बापू के
विरुद्ध यह कांड भाजपा वालों ने निर्लज्जतापूर्व कर डाला।
हुआ यूं कि बिहार के पटना में अटल जयंती समारोह में महात्मा गांधी का भजन
‘रघुपति राघव राज राम, पतित पावन...’ गाने पर हंगामा हो गया। भजन गायिका देवी
को माफी मांगकर वहां से भागना पड़ गया। इस बात की चरचा सोशल मीडिया में अभी भी
जारी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अश्विनी चैबे ने 25 दिसंबर को
पटना के ‘बापू सभागार’ में अटल रहूंगा कार्यक्रम आयोजित किया था। गायिका देवी
को कार्यक्रम में परफार्म करने के लिए बुलाया गया था। कार्यक्रम में देवी ने
भारत माता की जय और अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहे के नारे भी लगाए।
यहां तक तो ठीक थी लेकिन इसके बाद उन्होंने जब रघुपति राघव राजा राम गुनगुनाना
शुरू किया। देवी ने जब भजन की लाइन ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम गाया तो सभागार में
मौजूद करीब 60-70 युवा कार्यकर्ता नाराज हो गए। आयोजकों ने उन्हें घेर लिया और
उन्हें मांफी मांग लेने के लिए कहा। इसके बाद सभी अपने स्थान पर खड़े होकर जय
श्री राम का नारा लगाने लगे। तो देवी ने कहा कि भगवान हम सभी के हैं। अगर आपके
दिल को ठेस लगी है, तो मैं साॅरी कहती हूं। इसके बाद देवी ने भी ‘जय श्रीराम’
का नारा लगाया फिर भी जुनूनी लोग शांत नहीं हुए।
गायिका देवी को गाड़ी में बिठाया गया और एयर पोर्ट के लिए रवाना कर दिया गया।
इसके बाद तो पूरे देश में हंगामा खड़ा हो गया। भाजपा के खिलाफ तरह तरह के कमेंट
सोशल मीडिया में दिखाई देने लगा। कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं ने इसे भाजपा का
दोहरा चरित्र बताते हुए कहा कि एक ओर तो भाजपा के नेता गांधी जी के समक्ष
नतमस्त होते हैं दूसरी ओर उन्हें किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करते हैं। इस
कार्यक्रम में भाजपा के कई राष्ट्रीय स्तर के नेता भी थे और वह भी वहां मौन
रहे। जिन लोगों के महात्मा गांधी से इतनी चिढ़ थी उन्हें तो इस समारोह में जाना
ही नहीं चाहिए था, क्योंकि जिस सभागार में यह कार्यक्रम रखा गया था वह तो गांधी
जी के नाम पर ही है।
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