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सोलन समाचार

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चौथे वर्ष भी निर्विरोध प्रधान चुने गए धर्मपाल ठाकुर

राजेन्‍द्र कुमार को बनाया गया ऑटो यूनियन का महा सचिन...

निजी संवाददाता

     सोलन : शूलिनी के ऑटो रिक्शा ऑपरेटर्स यूनियन सोलन के प्रधान धर्मपाल ठाकुर को चैथे वर्ष भी निर्विरोध प्रधान चुन लिया गया। इससे पहले भी वह निर्विरोध ही प्रधान चुने गए थे। पिछले दिनों हुए जरनल हाउस में राजेंद्र कुमार को महासचिव चुना गया है। सोलन के सपरून में स्थित ने जिला पंचायत भवन सभागार में करीब तीन घंटे तक चली यूनियन की बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
     बैठक में जब शूलिनी ऑटो रिक्शा ऑपरेटर यूनियन के चुनाव की बात आई तो एटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश भारद्वाज की अध्यक्षता में चुनाव भी सम्पन्न करवा दिए गए। जिसमें जरनल हाउस ने भी ध्वनिमत से प्रस्ताव पास करके धर्मपाल के ठाकुर को फिर से प्रधान चुन लिया। धर्मपाल ठाकुर के प्रति यूनियन के सदस्यों ने अपना विश्वास जताया और चैथी बार उन्हें पुनः आम सहमति से प्रधान का दायित्व सौंपा दिया। इसी बैठक में राजेन्द्र कुमार को सर्वसम्मति से यूनियन के महासचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
     इस अवसर पर एटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश भारद्वाज ने यूनियन की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताते हुए नए प्रधान और महासचिव को बधाई दी। यूनियन के नवनिर्वाचित प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने कहा कि यूनियन के सभी साथियों के सहयोग से उन्होंने पिछले चार वर्षों में यूनियन की तनमन धन से सेवा की है। यूनियन के सदस्यों ने उनके नेतृत्व पर जो विश्वास जताया है उसके लिए वह सभी सदस्यों के आभारी हैं। इससे पूर्व एटक के सचिव अतुल भारद्वाज ने भी जरनल हाउस को सम्बोधित किया।
     शूलिनी ऑटो रिक्शा ऑपरेटर यूनियन की इस आम सभा में यूनियन के पूर्व प्रधान जयदत्त शर्मा, पूर्व प्रधान राम सिंह, सीताराम पूर्व महासचिव मोहनलाल, उदय कुमार, विवेक कुमार दिनेश शर्मा, भूपेन्द्र कुमार संजय कुमार, रमेश धीमान, नरेंद्र शर्मा, रामानंद शर्मा, मनीष सोपाल, योगराज, दीपक कुमार, कर्मचंद सहित अन्य यूनियन के सदस्य भी मौजूद रहे।

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रिश्‍वतखोर अधिकारी हर बार कानून को गच्‍चा नहीं दे पाते हैं

ड्रग कंट्रोलर को तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा...

निजी संवाददाता

     सोलन : रिश्वतखोर अधिकारी हर बार कानून को गच्चा नहीं दे पाते हैं। कई बार रिश्वतखोरी करते हुए वह कुछ ऐसे सबूत छोड़ जाते हैं कि उन्हें हवालात में सजा भुगतनी पड़ती है। ऐसा ही पिछले दिनों सोलन में हुआ जब एक ड्रग इंस्पेक्टर और ड्रग कंट्रोलर रहे अधिकारी को अदालत ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसमें आगे या होता है बाद में पता चलेगा।
     जिला अदालत सोलन के विशेष न्यायाधीश अरविंद मल्होत्रा की अदालत ने सोलन और बद्दी में ड्रग इंस्पेक्टर और ड्रग कंट्रोलर के पद पर रहते हुए अनुचित तरीके से असीमित संपत्ति के मालिक बने आरोपी कपिल धीमान को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने गुनाह को इतना संगीन पाया कि दोषी के पिता और भतीजे को भी 2-2 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।
     इस मामले में सभी दोषियों की करीब 65 लाख रुपए की चल-अचल संपत्ति को सरकार के अधीन करने के भी आदेश दिए गए हैं। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो) के उप जिला न्यायवादी हेमंत चैधरी कहते हैं कि वर्ष 2012 में विजिलेंस को एक शिकायत प्राप्त हुई थी जिसमें सोलन के तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर और बद्दी के ड्रग कंट्रोलर कपिल धीमान पर अनुचित तरीके से असीमित संपत्ति बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले में उसके पिता व भतीजे सहित तीन अन्य उद्योगपतियों के भी शामिल होने की बात कही गई थी।
     विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ 14 दिसंबर, 2012 को मामला दर्ज किया और 2001 से अब तक की एक निश्चित अवधि के बीच में उसके द्वारा जुटाई गई संपत्ति को आधार बनाया गया। तब इस अधिकारी द्वारा जुटाई गई संपत्ति को देख कर जांच एजेंसी भी हैरत में पड़ गई थी। उसके आवास से बरामद हुए सामान की गिनती करने में ही पुलिस को तीन दिन का समय लग गया था। उप जिला न्यायवादी और उनकी टीम ने इस मामले में जिस तरह की बहस की है यह उसी का परिणाम है कि विशेष न्यायाधीश सोलन की अदालत ने अनुचित तरीके से असीमित संपत्ति जोड़ने के मामले में तीनों को दोषी करार दिया है।

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लापरवाही का मुआवजा वसूला जा सकता है

करंट लगने से हुई मौत पर पांच लाख देने के आदेश...

निजी संवाददाता

     सोलन : अगर किसी नागरिक की सरकारी लापरवाही के कारण जान चली जाती है या उसे कोई गंभीर नुक्सान पहुंचता है तो वह या उसके परिजन सरकार से मुआवजा वसूल कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने पिछले दिनों एक महिला की करंट लगने से हुई मौत पर पांच लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश सुनाया है।
     बताया जाता है कि 30 अगस्त 2020 को श्रीमती फूला देवी को सोलन जिला के कसौली क्षेत्र में अपने आवास के पास सड़क किनारे चलते समय, गलती से विद्युत बोर्ड के स्वामित्व, नियंत्रण और रखरखाव वाली 33 के.वी. उच्च वोल्टेज विद्युत लाइन से करंट लग गया था। उसके बेटे और परिजनों ने उसका इलाज करवाया लेकिन आठ सितंबर 2020 को उसकी श्रीमती फूला देवी की मृत्यु हो गई थी। मृतका-फूला देवी के बेटे ने कई बार बिजली बोर्ड से अपनी मां की मौत के लिए जिम्मेदार विद्युत बोर्ड से उचित मुआवजा प्रदान करने का अनुरोध किया परंतु बोर्ड ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
     आखिरकार पीड़ित पुत्र ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया और आखिरकार अदालत ने पीड़ित की दलीलों को स्वीकार करते हुए मुआवजे की घोषणा कर दी। कोर्ट ने बोर्ड को आदेश दिए कि वह प्रार्थी सोहन सिंह भारद्वाज को उसकी मां की मृत्यु के कारण अंतरिम मुआवजे के रूप में आठ सप्ताह के भीतर पांच लाख रुपए का भुगतान करे। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने याचिका का निपटारा करते हुए प्रार्थी को उपयुक्त न्यायालय में नुकसान की भरपाई के लिए उचित कार्यवाही आरंभ करने की छूट भी दी।

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नकली एएसआई गिरफ्तार

निजी संवाददाता

     सोलन : सोलन पुलिस ने हरियाणा पुलिस की एएसआई की वर्दी पहने एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। कार में तीन युवक बैठे थे बाद में सोलन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मोहित निवासी पानीपत हरियाणा पुलिस के एएसआई की वर्दी पहनकर कार चला रहा था।
     सोलन में यातायात पुलिस में तैनात महिला आरक्षी सोनल कुमारी ने जब इससे गाड़ी बीच सड़क में न लगाने को कहा तो इस व्यक्ति ने अपना परिचय एएसआई होने का दिया। कुमारी सोनल को इस व्यक्ति के हावभाव इंस्पेक्टर वाले नहीं लगे तो उसने इससे आई कार्ड मांगा। जब इसका आई कार्ड देखा गया तो उसमें इंस्पैक्टर रैंक दर्ज था, जबकि वर्दी एएसआई की पहनी हुई थी। इस मामले की सूचना पुलिस चैकी शहर सोलन को दे दी गई। मौका पर जब पुलिस आई और पूछताछ की गई तो सारा भांडा फूट गया।

 
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