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कोई पूछने वाला नहीं पुलिस व्यवस्था कैसी चल रही है
कोई भी प्रदेश में पुलिस के नाम पर घुस जाता है...
निजी संवाददाता
शिमला
: सीबीआई, ईडी या किसी अन्य राज्य की पुलिस हो, हिमाचल में ऐसे
घुस जाती है जैसे उन्हें कोई पूछने वाला ही नहीं है। ताजा मामले में
राजधानी शिमला के छोटा शिमला स्थित ईडी दफ्तर पर सीबीआई की टीम ने अचानक
रेड मार दी। यह बात सामने नहीं आई कि इसमें हिमाचल पुलिस की क्या भूमिका
रही है। इससे पहले एक राज्य की पुलिस हिमाचल के नौ विधायकों को उठाकर
प्रदेश का भ्रमण करती रही और हिमाचल पुलिस तब भी सोई रही।
कहते हैं कि कानून व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है तो
हिमाचल में सीबीआई, ईडी या किसी अन्य राज्य की पुलिस कैसे अपना पिटारा
खोलकर बैठ जाती है। यह भी व्यवस्था है कि राज्य में सीबीआई को बुलाने का
अधिकार राज्य के मुख्यमंत्री का है या प्रदेश हाई कोर्ट का। अब मीडिया
रिपोर्ट के अनुसार शिमला में छापामारी ईडी के एक अधिकारी से जुड़े पुराने
मामले को लेकर की गई है। इसके तहत सीबीआई की चंडीगढ़ टीम ने ईडी शिमला के
दफ्तर में दबिश दे दी। इस रेड के दौरान सीबीआई की टीम ने दफ्तर के अंदर
प्रवेश किया और यहां के रिकार्ड की छानबीन करना शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि किसी ने ईडी के एक अधिकारी पर रिश्वत
मांगने के आरोप लगाए और इसकी सूचना सीबीआई को दी थी। सीबीआई ने भी साक्ष्य
जुटाने के लिए शिमला में यह कार्यवाही कर डाली। सीबीआई की टीम ने जब ईडी
दफ्तर पर दबिश दी, तो आरोपी अधिकारी वहां मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है
कि उसे दबिश के बारे में भनक लग गई थी जिसके चलते वह दफ्तर से गायब हो गया
था। सूत्रों के अनुसार आरोपी अधिकारी ने किसी मामले की सेटलमेंट के लिए
रिश्वत मांगी थी।
इससे पहले जब हिमाचल प्रदेश में तथाकथित आॅपरेशन लोटस चला
था तो एक पड़ोसी राज्य की पुलिस हिमाचल के नौ विधायकों को सुरक्षा प्रदान
करते हुए उठाकर ले गई थी। यही नहीं जब वह विधानसभा में लाए गए तो उनकी गाड़ी
गेट तोड़कर विधानसभा में घुस गई थी। ऐसे में कहा जा सकता है कि हिमाचल का
गृह मंत्रालय किस प्रकार के कानून का राज स्थापित करने की बात करता है जहां
किसी भी राज्य की पुलिस बिना किसी कार्य की सूचना दिए प्रदेश की सीमा में
छुस जाए। यह बात प्रदेश की सेहत के लिए अच्छी नहीं है। प्रदेश में हर
प्रकार की कानून व्यवस्था को देखना प्रदेश सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए।
प्रदेश की सीमा के भीतर प्रदेश का कानून चलना चाहिए।
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पैसे ठगने वाले को पुलिस ने पंजाब से गिरफ्तार किया
कई लोगों ने पैसा लेकर चैक देने का आरोप लगाया...
निजी
संवाददाता
शिमला : पिछले
दिनों पांवटा साहिब पुलिस ने लोगों से पैसे ऐठने के आरोप में एक शातिर को पंजाब
से गिरफ्तार किया है। इसके खिलाफ कई लोगों ने शिकायत की है कि इसने लोगों को
झांसा देकर उनसे पैसे लिए और बदले में उन्हें चैक दिए। इस मामले में पुलिस टीम
ने शिकायत मिलने के बाद आरोपी गुरमीत सिंह को पंजाब से गिरफ्तार कर न्यायिक
हिरासत में भेज दिया था और उसके खिलाफ अग्रिम कार्यवाही अदालत में चल रही है।
एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि गुरमीत सिंह ने उसे
35 लाख रुपए देने थे जिसके बदले में गुरमीत सिंह ने शिकायतकर्ता को बैंक चेक
दिए थे लेकिन जब शिकायतकर्ता बैंक पहुंचा तो बैंक अधिकारियों ने उन्हें बताया
कि चेक पर लिखी तारीख से पहले ही गुरमीत का खाता बंद कर दिया गया था।
शिकायतकर्ता प्रणीत बहारी ने पुलिस को बताया कि गुरमीत सिंह ने थोड़े थोड़े करके
ठगी से उससे 35 लाख रुपए कर्ज के रूप में लिए थे तथा उसके एवज में उसके द्वारा
चेक दिए गए। आरोपी अपना घर व अन्य चीजों को बेचकर पंजाब चला गया। साथ ही बैंक
अकाउंट भी बंद करवा कर चला गया था।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस थाना पांवटा में शिकायत
दर्ज करवाई। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई कर गुरमीत सिंह को पंजाब से गिरफ्तार
किया तथा उसे अदालत में पेश कर उसे पुलिस रिमांड पर ले लिया। इसके अतिरिक्त
पांवटा साहिब के 20 से अधिक अन्य लोगों ने भी इस मामले के बाद गुरमीत सिंह के
खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है जिसने कई लोगों को इसी तरह के बैंक चेक दिए थे।
एसडीपीओ ने पांवटा आईपीएस अदिति सिंह ने मामले की पुष्टि की है। यह मामला अब
अदालत में विचाराधीन है। इससे पहले भी कई मामलों में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते
हुए कई आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
इस मामले में भी पुलिस की प्रशंसा की जा रही है। कहते हैं
कि पूर्व में भी इस प्रकार की लूटपाट या गंभीर शिकायतें मिली हैं पुलिस ने
उन्हें बिना समय गवांए अंजाम तक पहुंचाया है। लोग कहते हैं कि ऐसे एक्शन से
जनता का विश्वास पुलिस के प्रति बढ़ता है और लोग राहत की सांस लेते हैं। कहते
हैं पांवटा साहिब पुलिस से कोई बच कर भाग नहीं सकता है।
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केन्द्र का किसानों को नव वर्ष का तोहफा
केन्द्र ने किसानों की खाद के दाम बढ़ा दिए...
निजी संवाददाता
शिमला
:
केन्द्र सरकार ने किसानों को नव वर्ष का तोहफा दिया है। अब हिमाचल में भी
किसानों को खाद महंगे दामों पर मिलेगी। नए साल से खाद के दाम में बदलाव कर
दिया गया है। इससे 200 से 240 रुपए प्रति बोरी की दर बढ़ा दी गई है। केंद्र
सरकार ने खाद के दामों में इजाफा करने का निर्णय लिया है।
कहते हैं इफको के माध्यम से किसानों को जो खाद मिलती है
उसका दाम बढ़ाया है। सरकार ने फसल की बिजाई से पहले इस्तेमाल होने वाली
डीएपी और 12-32-16 खाद की कीमतों को बढ़ाने का फैसला लिया है। डीएपी खाद की
एक बोरी की कीमत 240 रुपए बढ़ा दी गई है। 12-32-16 खाद की बोरी की कीमत 200
रुपये बढ़ा दी गई है। अब किसानों को खाद की बढ़ी हुई कीमतें चुकानी होंगी।
अभी डीएपी खाद की 50 किलोग्राम की एक बोरी देशभर में 1,350 रुपए की मिलती
है। हिमाचल में राज्य सरकार इस पर 50 रुपए प्रति बोरी सबसिडी देती है।
इसलिए किसान प्रति बोरी 1,300 रुपए चुकाते हैं।
अब जनवरी से इस खाद की कीमत 240 रुपए बढ़ने से 1540 रुपए
में एक बोरी मिलेगी। 12-32-16 खाद की बोरी अभी 1470 रुपए में आती है।
प्रदेश सरकार इस पर भी 50 रुपए प्रति बोरी सबसिडी देती है। इसलिए हिमाचल
में इसकी कीमत 1420 रुपए है। अब से इस खाद की कीमत 1620 रुपए प्रति बोरी
मिलेगी।
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खस्ताहाल स्कूल खाली होंगे
निजी
संवाददाता
शिमला :
खस्ताहाल सरकारी स्कूलों को खाली
करने के निर्देश सरकार ने जारी किए हैं। प्रदेश के ऐसे सरकारी स्कूलों, जिनके
भवन खस्ताहालत में हैं उनके लिए शिक्षा विभाग ने अब नए निर्देश जारी किए हैं।
इन निर्देशों में कहा गया है कि यदि स्कूल का कोई भवन लगभग गिरने की कगार पर है
या वहां बच्चों को बिठाना सेफ नहीं है तो ऐसे स्कूलों को तुरंत खाली करवाया
जाएगा।
इसके साथ ही निजी भवन के लिए डीसी की अप्रूवल लेनी होगी
और साथ ही इस बारे में तुंरत शिक्षा निदेशालय को भी जानकारी देनी होगी। इसके
साथ ही क्षतिग्रस्त करने के बाद जो भी मैटीरियल की काॅस्ट होगी, उसे सरकारी
खजाने में जमा करवाया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिलों को यह
निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे स्कूल भवन में बच्चों को बिठाना खतरे से खाली
नहीं है।
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