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लड़की को छेड़ने वाले डाक्टर को 15 वर्ष बाद मिली सजा टांडा मेडिकल कालेज में विभागाध्यक्ष था डाक्टर... विशेष संवाददाता शिमला : लड़की को छेड़ने के आरोप में एक डाक्टर को अदालत ने 15 वर्ष बाद एक सात की सजा सुनाई है। हलांकि डाक्टर को अपने कृत्य की सजा मिलने में 15 साल का समय लग गया। लेकिन पीड़िता ने भी अपने साथ हुए दुराचार को लेकर अंतिम समय तक इस लड़ाई को लड़ा। आखिर जिला सत्र न्यायालय इस मामले में सजा का ऐलान कर दिया।कांगड़ा के डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा मेडिकल कालेज के एक विभागाध्यक्ष डाक्टर को जिला सत्र न्यायालय ने एक साल की सजा सुनाई है। दोषी को एक वर्ष के लिए साधारण कारावास की सजा सुनाई तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर दोषी को इसके अतिरिक्त दो महीने की अवधि के लिए साधारण कारावास की सजा काटनी होगी और उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 342 के तहत भी दो महीने के कारावास की अतिरिक्त सजा सुनाई। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले में दोषी यदि उच्च अदालत में अपील पर जाता है तो इसके बारे में जानकारी बाद में मिलेगी। बताया जाता है कि घटना 15 वर्ष पहले 17 जनवरी, 2008 को घटी थी जब बीएसई एमएलटी प्रथम वर्ष की छात्रा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विभागाध्यक्ष डाक्टर ने गलत तरीके से उसे लैब से बाहर जाने से रोका। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि भोजन से लौटने के बाद आरोपी ने उसे लैब में बुलाया, जहां वह थायराइड का टेस्ट कर रहा था तथा उसकी सहेली से कहा कि उसकी ड्यूटी उसके साथ नहीं है। इसके बाद उसकी सहेली शिकायतकर्ता को आरोपी के पास अकेला छोड़कर चली गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे टेस्ट ट्यूब कूड़ेदान में फेंकने तथा कमरे को अंदर से बंद करने को कहा तथा उसके बाद उसे पकड़ लिया और बाद में वह मौके से भाग गया। इस घटना की प्रदेश भर में चरचा हो रही है। क्योंकि इस प्रकार की घटनाएं अक्सर सुनने को मिलती रहती हैं पर यह ऐसा मामला है जहां से पीड़िता को जहां इन्साफ मिला है वहीं यह ऐसी घटनाओं में शुमार है जहां से अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा का एलान किया है। शायद इस घटना से उन लोगों को सबक मिलेगा जो इस प्रकार की घटनाओं में संलिप्त रहते हैं। जब अदालत से इस प्रकार की फैसले आते हैं तो निश्चित रूप से इस प्रकार की घटनाओं पर थोड़ा अंकुश जरूर लगता है। इस मामले में आगे क्या होता है इस पर सभी की निगाहें रहेंगी। |
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