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भारत में सोने-चांदी के दाम कम करने
के प्रयास
इंपोर्ट ड्यूटी कम करने पर विचार हो
सकता है...
निजी संवाददाता
शिमला : भारत में सोने के दाम को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारत सरकार
से तो अब लोगों की अपेक्षाएं ही नहीं बची हैं। एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी हाथ खड़े करते हुए लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वह सोने चांदी की कम
खरीददारी करें। दूसरी ओर सोना खरीदना भारत में रहने वाले आम लोगों के बस से
बाहर हो गया है। ऐसे में कहा जा रहा है कि भारत में सोने और चांदी की ऊंची
इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर सरकार अब अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सकती है।
रत्न और आभूषण परिषद के चेयरमैन राजेश रोकड़े कहते हैं कि सरकार सोने और चांदी
पर आयात शुल्क घटाने के विकल्प पर चर्चा कर रही है। ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी
लगाने का उद्देश्य सोने-चांदी के आयात को कम करना था लेकिन इसका अपेक्षित असर
देखने को नहीं मिला। इसके उलट, ऊंची ड्यूटी के कारण अवैध कारोबार यानी ग्रे
मार्केट को बढ़ावा मिला है। ऐसे में सरकार सही समय देखकर इंपोर्ट ड्यूटी में
कटौती कर सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार ने मई माह में सोने और चांदी पर
कस्टम ड्यूटी को छह फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। तभी से सोने के दामों
ने कुलंचे भरनी शुरू कर दी थी और यह आम लोगों के बस से बाहर हो गया है।
पिछले दिनों सोने-चांदी के दाम में भारी गिरवाट देखने को मिली है। इंडिया
बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक पिछले दिनों 10 ग्राम 24 कैरेट सोने
का दाम 4,453 रुपए गिरकर 1.55 लाख रुपए हो गया है। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत
8,437 रुपए गिरकर 2.35 लाख रुपए पर आ गई थी। सात महीने में चांदी के दाम में
1.51 लाख की गिरावट आई है। इसके बावजूद अभी तक सोना आम लोगों की खरीद से बाहर
ही नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि भारत सरकार यदि आर्थिक सुधारों पर ध्यान
देना शुरू कर दे तभी सोने चांदी के दामों में गिरावट आ सकती है। अर्थ व्यवस्था
में सुघार होना जरूरी है।
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