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मुख्यमंत्री ने बजट को अंतिम
व्यक्ति तक पहुंचने वाला बताया
सुक्खू ने स्वयं अपना वेतन आधा कर दिया...
निजी संवाददाता
शिमला
: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वार्षिक बजट को अंतिम
व्यक्ति तक पहुंचाने का दावा किया है। वह कहते हैं कि राज्य की आर्थिक दिशा को
नई पहचान देने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को
विकास की धुरी के रूप में स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहते हैं कि राज्य को वर्ष 2030 तक
आत्मनिर्भर बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। वास्तविक प्रगति अंतिम व्यक्ति
की समृद्धि से मापी जाती है। सरकार केवल अनुदान नहीं दे रही, बल्कि ऐसा
पारिस्थिति का तंत्र तैयार कर रही है, जहां ग्रामीण युवा कृषि और डेयरी को
सम्मानजनक एवं लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाए। स्वयं उन्होंने अपनी 50
प्रतिशत वेतन राशि अगले छह महीनों तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। मंत्रियों
और विधायकों ने भी क्रमशः 30 प्रतिशत और 20 प्रतिशत वेतन स्थगित करने का निर्णय
लिया गया है।
इसके साथ राज्य के एक लाख जरूरतमंद परिवारों को 300 यूनिट
मुफ्त बिजली और स्थायी आवास प्रदान किया जाएगा। सरकार ने में गाय के दूध की
खरीद मूल्य को 51 रुपए से बढ़ाकर 61 रुपए प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य
61 रुपए से बढ़ाकर 71 रुपए प्रति लीटर किया है। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली
देशी नस्ल की गाय को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने ए-2 दूध के लिए 100
रुपए प्रति लीटर का विशेष मूल्य निर्धारित किया है।
किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रोत्साहन राशि को तीन
रुपए से बढ़ाकर छह रुपए प्रति लीटर किया गया है। किसानों को बाजार की अस्थिरता
से बचाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है।
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