|
कांग्रेस का सूचना के अधिकार का
दावा खोखला
हिमाचल में अब सूचना आयोग के गठन की तैयारी...
निजी संवाददाता
शिमला
: कांग्रेस पार्टी के सूचना के अधिकार का दावा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह
सुक्खू ने फेल करके रख दिया है। हलांकि कांग्रेस अपनी उपलब्धियों में नागरिकों
को दिए गए सूचना के अधिकार का ढिंढोरा हर जगह पीटती रही है। कहा जा रहा है कि
अब इस पद को भरने के लिए मुख्यमंत्री ने अपने साथ एक
कैबिनेट मंत्री और नेता
प्रतिपक्ष के कमेटी गठित कर ली है। यह कमेटी फिर से राज्य सूचना आयोग को जिंदा
कर पाएगी या नहीं यह समय बताएगा।
करीब एक वर्ष से तो पूरा सूचना आयोग ही मरणासन की स्थिति में है। फिलहाल एक बार
फिर सूचना आयोग में नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे पहले
मुख्यमंत्री सुक्खविंदर सिंह, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता
प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की कमेटी सूचना आयुक्तों की नियुक्ति करने में विफल रही
थी। अब उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को इस चयन कमेटी से हटा दिया गया है
और उनके स्थान पर कर्नल धनीराम शांडिल को लिया गया है।
सूक्खू सरकार सूचना आयोग के गठन में इस कदर फेल साबित हुए हैं कि अंतिम बार
मुख्य चुनाव आयुक्त नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर अपने मुख्य सचिव आरडी धीमान को
ही राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त बनवाने में सफल हो गए थे। इसके बाद मुख्य सूचना
आयुक्त का पद पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त आरडी धीमान का कार्यकाल समाप्त होने के
बाद जून के 2025 से खाली है, जबकि राज्य सूचना आयुक्त का पद जुलाई, 2025 से
रिक्त पड़ा है। इन पदों के लंबे समय तक खाली रहने से कांग्रेस का यह दावा पूरी
तरह से फेल हो गया है कि उन्होंने देश के नागरिकों को सूचना के अधिकार से नवाजा
है। हजारों केस राज्य सूचना आयोग के पास लंबित पड़े हैं। नियुक्तियां नहीं होने
का मामला राष्ट्रपति तक भी पहुंचा, जिसमें राज्य सूचना आयोग में शीघ्र
नियुक्तियां करने की मांग की गई थी। देखना यह है कि नई कमेटी सूचना आयोग को
जिंदा कर पाएगी या एक बार फिर पूर्व की तरह नागरिकों को गच्चा देकर निकल जाएगी।
|