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पेंपा सेरिंग फिर चुने गए तिब्‍बत के प्रधानमंत्री

26 अप्रैल को चुने जाएंगे 18वीं संसद के 45 सदस्‍य...

     पेंपा सेरिंग को दूसरी बार तिब्बत की निर्वासित सरकार चलाने का मौका मिलेगा। पहले चरण के मतदान में ही उन्हें सिक्योंग चुन लिया गया है। सिक्योंग एवं राजनीतिक नेता, निर्वासित तिब्बत सरकार में प्रधानमंत्री के बराबर का पद है। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के चुनाव आयोग ने मैक्लोडगंज में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सिक्योंग व 18वें तिब्बती संसद-इन-एग्जाइल के सदस्य के लिए प्रारंभिक चुनाव के परिणामों की घोषणा की।
     मुख्य चुनाव आयुक्त लोबसांग येशी ने घोषणा की कि नियमों व विनियमों के अनुच्छेद 67 (4) के तहत यदि किसी प्रत्याशी को प्रारंभिक चुनाव में कुल मतों का 60 फीसदी से अधिक प्राप्त होता है, तो अंतिम दौर का चुनाव नहीं होगा और वह उम्मीदवार सिक्योंग के रूप में निर्वाचित घोषित होगा। इन्हीं नियमों के अनुसार पेंपा सेरिंग को सिक्योंग के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया है।
     चुनाव आयोग के अनुसार एक फरवरी को हुए पहले चरण के मतदान में कुल 51,140 तिब्बतियों ने चुनाव में मतदान किया। इसमें कुल 103 बोन धर्म के चार स्कूलों से 6 उम्मीदवार, उत्तर-दक्षिण अमेरिका, यूरोप-अफ्रीका से 6-6 उम्मीदवार और ऑस्ट्रेलिया (भारत, नेपाल और भूटान को छोड़कर) से 3 उम्मीदवार शामिल थे। 18वें तिब्बती संसद-इन-एग्जाइल का 26 अप्रैल को सांसदों के 45 पदों लिए मतदान का मुख्य चरण होगा। पेंपा सेरिंग ने 31,225 वोट, केल्संग दोरजी औकातसंग और सेरिंग फुन्त्सोक ने क्रमशः 17,843 और 159 वोट प्राप्त किए।
     यह भी बता दें कि पेंपा सेरिंग मई 2021 में 34,348 मत प्राप्त कर पहली बार सिक्योंग बने थे। निर्वासित तिब्बत सरकार (केंद्रीय तिब्बती प्रशासन) का मुख्यालय हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में है। अब तक के तीन सिक्योंग (प्रधानमंत्री) रहे हैं। इनमें प्रोफेसर समदोंग रिनपोछे (2001-2011), डा. लोबसांग सांग्ये (2011-2021) और वर्तमान सिक्योंग (प्रधानमंत्री) पेंपा सेरिंग (2021-वर्तमान) शामिल हैं।

 
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