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खालिदा का पुत्र तारिक बांग्‍लादेश का प्रधानमंत्री

बीएनपी ने हसीना के प्रत्‍यर्पण की मांग उठाई...

     बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का पुत्र तारिक रहमान प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गया है। उसी के नेतृत्व में बीस साल बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सरकार बन रही है। 297 सीटों के घोषित नतीजों में बीएनपी और उसके सहयोगियों को 212 सीटें मिली हैं। इस चुनाव में पूर्व पीएम बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक प्रधानमंत्री बन रहे हैं।
     बांग्लादेश में 1991 के बाद से कोई पुरुष लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर प्रधानमंत्री नर्ही बन पाया था। दो महिलाओं खालिदा जिया व शेख हसीना के बीच ही प्रधानमंत्री का पद बदलता रहा। बंग्लादेश में तख्तापलट के बाद शेख हसीना को भारत ने शरण दी है। बीच-बीच में कार्यवाहक सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में जरूर पुरुषों को सरकार चलाने का मौका मिला। अब 35 साल बाद बेगम जिया के बेटे तारिक रहमान इस पद पर काबिज होंगे।
रहमान दुनियां के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं जिनके माता-पिता दोनों देश के शासक रह चुके हैं। रहमान के पिता जनरल जियाउर रहमान सितंबर, 1976 से मई, 1981 तक पहले बतौर मुख्य मार्शल प्रशासक और फिर बतौर राष्ट्रपति बांग्लादेश के शासक रहे थे। उनकी मां खालिदा जिया ने 1991-96 और 2001-06 तक बतौर प्रधानमंत्री देश का शासन संभाला।
     बांग्लादेश के इतिहास में पहली बार जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन को 77, जबकि पार्टी को अकेले 68 सीटें मिली हैं। साफ है कि नई संसद में भले ही जमात-ए-इस्लामी की स्थिति कमजोर लग रही है, पर मुख्य विपक्ष के रूप में अब उसकी आवाज सिर्फ बांग्लादेशी संसद में ही नर्ही, दुनियां में भी सुनी जाएगी। सात सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती हैं। बीएनपी इससे पहले 2001 से 2006 के बीच बांग्लादेश की सत्ता पर काबिज थी।
     उधर बीएनपी के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने कहा हम पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत से प्रर्त्यपण कराने के रुख पर कायम हैं। विदेश मंत्री पहले ही प्रत्यर्पण के लिए तर्क दे चुके हैं, हम भी इसका समर्थन करते हैं। हम प्रत्यर्पण के लिए दबाव डालते रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे फोन पर बात कर रहमान को जीत की बधाई दी और दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने पर प्रतिबद्धता जताई। बीएनपी ने पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए दोनों देशों में बेहतर रिश्तों की उम्मीद जताई।

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