स्थानीय विधायक को नहीं चढ़ने दिया
गाड़ी में
शिवरात्रि समारोह में सभी को पैदल चलना
चाहिए...
हिमाचल
प्रदेश के मंडी शहर में आयोजित समारोह में स्थानीय विधायक अनिल शर्मा को ही
कांग्रेसी नेताओं ने मुख्यमंत्री के साथ गाड़ी में नहीं चढ़ने दिया। पिछले दिनों
शिवरात्रि जातर के शुभारंभ पर निकली गई शाही जलेब में मुख्यमंत्री सुखविंदर
सिंह सुक्खू खुली जीप में सवार हुए तो उनके साथ मंडी के हारे हुए नेता जीप में
चढ़ गए। किसी भी कांग्रेसी नेता ने यह जहमत नहीं उठाई कि स्थानीय विधायक अनिल
शर्मा को भी वह मुख्यमंत्री के साथ खुली जीप में स्थान दे देते। इस बार की
शिवरात्रि समारोह के बाद यह बात क्षेत्र में चरचा का विषय बनी हुई है। स्थानीय
लोग इस बात को बुरा होने का संकेत भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि पहले मेले
की जरेब में जो भी शामिल होने आता था वह पैदल शोभायात्रा में चलता था।
उस दिन नजारा यह था कि खुली जीप में पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, धर्मपुर के
विधायक चंद्रशेखर, भोरंज से विधायक सुरेश कुमार, कांग्रेस नेत्री चंपा ठाकुर व
कुछ अन्य नेता सीएम के साथ खुली जीप में सवार हो गए। यहां नेताओं की भीड़ देख
मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा ने गाड़ी में चढ़ने से इन्कार ही कर दिया और वह
पैदल चलना शुरू हो गए। जबकि जिस स्थान पर यह मेला आयोजित होता है वहां के
विधायक अनिल शर्मा हैं। इसे लोगों ने प्रोटोकॉल के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह
कोई अच्छा प्रदर्शन नहीं था। स्थानीय समाजसेवी और सेवानिवृत अधिकारी बी.आर.
कौडल ने तो इसकी खुले आम सोशल मीडिया में आलोचना करते हुए कहा है कि पूर्व
जयराम ठाकुर सरकार के समय में ही खुली जीप में प्रदर्शन करने का कार्यक्रम शुरू
किया गया था। अब कांग्रेस सरकार भी उसी प्रदर्शन को जारी रखे हुए है, ऐसा नहीं
होना चाहिए था। उन्होंने पुरानी परंपरा को कायम रखने की वकालत की है।
कहते है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अनिल शर्मा को गाड़ी में साथ
आने के लिए संदेश भी भिजवाया लेकिन अनिल शर्मा गाड़ी में नहीं आए। अनिल शर्मा
बिना साफा लगाए पैदल ही शाही जलेब में चल रहे थे। अनिल शर्मा ने बाद में बताया
कि सीएम की गाड़ी में भीड़ हो गई थी, ऐसे में उन्होंने पैदल चलना ही बेहतर समझा।
लेकिन गाड़ी में लदे हारे हुए किसी भी कांग्रेसी नेता ने अपनी जगह अनिल शर्मा को
देना उचित नहीं समझा।
हलांकि सभी जानते हैं कि पं. सुखराम के सुपुत्र अनिल शर्मा और मुख्यमंत्री
सुक्खू में पुरानी घनिष्टता है। और ऐसा भी नहीं है कि कांग्रेस सरकार में मंडी
सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा की कहीं चल नहीं रही, सीएम सुक्खू उन्हें
लगातार वेटेज देते आए हैं। सरकार में अनिल शर्मा के काम भी धड़ाधड़ हो रहे हैं।
कहते हैं अनिल शर्मा भाजपा से मंडी सदर के विधायक हैं और कांग्रेस के नेता नहीं
चाहते थे कि वह खुली जीप में मुख्यमंत्री के साथ आ जाते। लेकिन उन्हें यह पता
होना चाहिए था कि स्थानीय विधायक का किसी भी समारोह में विशेष स्थान होता है।
ऐसे में वह घटनाएं भी लोगों को याद आ गई जब अपनी पार्टी की सरकार में ही पूर्व
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मौजूदगी में अनिल शर्मा को महत्व नहीं दिया जाता था
और कांग्रेस तब प्रोटोकॉल का वास्ता देकर भाजपा की आलोचना करते नहीं थकते थे।
आज वही कांग्रेस प्रोटोकॉल को भूल गए हैं।
समाज सेवी श्री कौडल इसे किसी अनिष्ठ होने का संकेत बता रहे हैं। वह कहते हैं
कि मेला प्रशासन को पुरानी परपराएं बनाए रखने की ओर ध्यान देना चाहिए ताकि इस
विख्यात मेले की गरिमा को बनाए रखा जा सके।
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