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क्या भारत
अमेरिका का गुलाम हो चुका है
ट्रंप के आदेशों का पालन मोदी
निसंकोच करते हैं...
विशेष संवाददाता
शिमला
: आज पूरा भारत ही नहीं पूरा विश्व इस बात को सोचने पर मजबूर हो चुका है
कि क्या भारत अमेरिका का गुलाम हो चुका है। भारत की गुलामी का इतिहास ऐसा ही
रहा है कि उसे किसी ने आक्रमण करके गुलाम नहीं बनाया उसने खुद गुलामी स्वीकार
की है।
जिस प्रकार भारतीय गणतंत्र की स्थापना से पहले ब्रिटिश संसद से भारत के लिए
आदेश आते थे उसी प्रकार अब आदेश अमेरिका से आने लगे हैं। अब जो आदेश अमेरिका के
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देते हैं वह उसका
निःसंकोच पालन करते हैं। ट्रंप ने कहा भारत रूस और ईरान से कच्चा तेल नहीं
खरीदेगा और भारत ने अपने परममित्रों से सस्ता कच्चा तेल खरीदना बंद कर दिया।
हाल ही में ईरान पर इजराइल अमेरिका युद्ध के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत एक माह
तक रूस से तेल खरीद सकता है तो भारत में कुछ सत्ताधारी लोगों ने इस पर जश्न मना
लिया। डोनाल्ड ट्रंप के आदेश अमेरिका में होते हैं और भारतीय नागरिकों को पकड़
कर बेड़ियों और जंजीरों में बांध कर भारत में छोड़ दिया जाता है। आपरेशन संदूर पर
ट्रंप सौ बार कह चुका है कि भारत ने युद्ध उसके कहने पर रोका।
क्या यह गुलामी के लक्ष्ण नहीं हैं कि ट्रंप भारत पर मनमर्जी से टैरिफ लगाएगा
और उसके देश की अदालत द्वारा टैरिफ को रद्द किए जाने के बावजूद वह भारत से
टैरिफ वसूल करेगा। भारत के उपभोक्ता बाजार पर कब्जा करने के लिए वह तय करेगा कि
अमेरिका भारत में क्या उत्पादन करेगा और अमेरिका से कौन सा सामान भारतीय बाजार
में आएगा।
अनगिनत उदाहरण हैं जो साबित करते हैं कि भारत ने अमेरिका की गुलामी स्वीकार कर
ली है। ट्रंप भी चाहते हैं कि मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने रहें। ब्रिटिश
हुकूमत को भारत को गुलाम बनाने के लिए देश के राजाओं को अपना गुलाम बनाना पड़ा
था लेकिन अब राजा की तरह आचरण करने वाले प्रधानमंत्री को ही अमेरिका ने अपना
गुलाम बना लिया है जिस पर भारत के राजा की जुबान नहीं खुलती है। अब तो शुबा इस
तरफ भी जाने लगा है कि देश में जो हो रहा है वह अमेरिकी राष्ट्रपति के इशारे पर
हो रहा है।
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