निकाले जाएंगे गैर कानूनी तरीके
से रहने वाले
भारत सरकार भी
कानून लाने की तैयारी में...
विशेष संवाददाता
शिमला : अब भारत सरकार को भी होश आया है कि देश में गैर कानूनी तरीके से घुसे
लोगों को बाहर निकालने के लिए एक कानून बनाया जाए। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप
के राष्ट्रपति बनते ही वहां रह रहे भारतीयों पर पहाड़ टूट पड़ा है। अमेरिका में
करीब 40 लाख भारतीय रहते हैं। इनमें से बहुत से लोग गैर कानूनी ढ़ंग से अमेरिका
में बसे हैं। उनकी धड़ पकड़ की जा रही है और उन्हें गैर कानूनी तरीके अमेरिका में
रहने के कारण उनके देश वापस भेजा जा रहा है।
इसके जवाब में अब भारत में बिना वीजा-पासपोर्ट एंट्री पर केंद्र सरकार सख्त
कानून लाने जा रही है। अगर कोई विदेशी नागरिक वैध पासपोर्ट या वीजा के बिना
भारत में प्रवेश करता है तो उसे पांच साल तक जेल और पांच लाख रुपए तक का
जुर्माना हो सकता है। अगर कोई विदेशी फर्जी डाक्यूमेंट के साथ भारत में प्रवेश
करता है तो उसे यहां से निकाला जा सकता है। इसके अलावा उसे जेल हो सकती है।
वहीं, एक लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
यह नियम इमिग्रेशन और फॉरेनर एक्ट, 2025 के तहत है, जिसे सरकार संसद के बजट
सत्र में पेश करेगी। इसका मकसद इमिग्रेशन और फॉरेनर से संबंधित सब्जेक्ट पर
बने चार अलग नियम को एक करना है। नए नियम लागू होने के बाद फॉरेनर्स एक्ट
1946, पासपोर्ट एक्ट 1920, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट 1939 और इमिग्रेशन
(करियर लायबिलिटी एक्ट) 2000 में बदलाव कर एक कानून बनाया जाएगा।
हथकड़ियों और बेड़ियों में बांधकर करीब 104 युवाओं को सेना के विमान से भारत भेज
दिया गया। इसके बाद भारत सरकार के कान खड़े हुए और उन्होंने भी अब गैर कानूनी
तरीके से भारत में रहने वाले विदेशियों के खिलाफ कानून बनाने के बारे में सोचना
शुरू कर दिया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष नवंबर माह से आईटी क्षेत्र के करीब 2,00,000
कर्मचारियों को अमेरिका में नौकरी से बाहर निकाला दिया गया था। इनमें रिकाॅर्ड
संख्या में कटौती करने वाली कंपनियों में गूगल, माइक्रोसाॅफ्ट, फेसबुक और अमेजन
हैं। उद्योग के सूत्रों ने वहां से बताया है कि नौकरियों से निकाले गए लोगों
में से 30 से 40 फीसदी भारतीय आईटी पेशेवर हैं। इनमें से बड़ी संख्या एच-1बी या
एल। वीजा पर अमेरिका गए लोगों की है। लगभग 50,000 भारतीयों को 60 दिन अल्टीमेटम
दिया गया है।
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