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हिमाचल समाचार

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अब चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी दूर पटके जा सकते हैं

चतुर्थ श्रेणी वालों को भी राज्‍य स्‍तरीय कैडर में डाला...

निजी संवाददाता

     शिमला : अब प्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी प्रदेश के किसी भी कोने में पटके जा सकते हैं। इससे पहले तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जिला स्तरीय कैडर में आते थे और उन्हें मात्र जिला की सीमा तक ही स्थानांतरिक किया जा सकता था। इनका राज्य स्तरीय कैडर बना दिए जाने के कारण अब इन्हें राज्य के किसी भी हिस्से में स्थानांतरित किया जा सकता है।
     अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा ने अधिसूचना के माध्यम से बताया कि तत्काल प्रभाव से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को स्टेट कैडर में शामिल किया गया है। इस श्रेणी में उपायुक्त और मंडलायुक्त कार्यालयों में तैनात कर्मचारी भी शामिल हैं। इस अधिसूचना के अनुसार राजस्व विभाग के चालक, तृतीय श्रेणी के सभी मिनिस्ट्रियल स्टाफ कर्मचारी, जो तीन अक्तूबर, 2023 की अधिसूचना से छूट गए थे उन्हें भी अब स्टेट कैडर में शामिल कर लिया गया है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी अब स्टेट कैडर कर्मचारी गिने जाएंगे।
     हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण का मुद्दा हमेशा राजनैतिक मुद्दा बना रहा है। कहते हैं कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को राज्य स्तरीय कैडर में डालकर सरकार ने इन कर्मचारियों पर स्थानांतरण का दबाव बनाने का प्रयास किया है। यह भी कहा जा रहा है कि इस परिवर्तन से प्रदेश में ट्रांसफर माफिया पहले से अधिक सक्रीय हो जाएगा। तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को इनता कम वेतन मिलता है कि वह एक जिला से दूसरे जिला में स्थानांतरण का बोझ नहीं उठा सकते हैं।
     कहा यह भी जा रहा है कि पटवारी कानूनगो ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस नियम को बदलने की गुहार लगाई थी और फिलहाल यह मामला राजस्व विभाग में विचाराधीन है। इस बीच अब राजस्व विभाग ने अन्य कर्मचारियों को भी स्टेट कैडर में शामिल करने का फैसला किया है। ऐसे में उनकी गुहार स्वयं ही बेमानी हो गई है।
     इस अधिसूचना का असर मंडलायुक्त कार्यालय शिमला, मंडी और कांगड़ा समेत बंदोबस्त अधिकारी कांगड़ा और शिमला, निदेशक लैंड रिकार्ड शिमला, राजस्व प्रशिक्षण संस्थान जोगिंद्रनगर, डायरेक्टर कंसोलिडेशन आॅफ होल्डिंग शिमला पर अधिसूचना का असर देखने को मिलेगा। सेवा कैडर से जुड़ी शर्तों को अलग से अंतिम रूप दिया जाएगा। देखना यह है कि कर्मचारी वर्ग इस पर क्या प्रतिक्रिया व्यक्त करता है।

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वेलेंटाइन-डे की छेट पर भाजपा नाराज

पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए होटलों में छूट...

निजी संवाददाता

     शिमला : एक ओर जहां भाजपा और आरएसएस वेलेंटाइन-डे का विरोध करती आ रही है वहीं हिमाचल सरकार ने बेलेंटाइन-डे मनाने वालों को विशेष राहत की घोषणा की है। आदेशों के मुताबिक 14 जनवरी को निगम के होटलों में फूड पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
     इसके अलावा 14 जनवरी को होटल में चैक-इन करने वाले कपल्स को सर्दियों के सीजन में चल रही छूट के साथ-साथ 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी। निगम प्रबंधन को उम्मीद है कि विशेष छूट प्रदान करने से इस वेलेंटाइन पर्यटक निगम के होटलों में रुकेंगे, जिससे निगम की आय में वृद्धि होगी। निगम की छूट देने की यह विशेष योजना तीन जनवरी से आरंभ हो गई है और 15 अप्रैल तक चलेगी। अब निगम ने वेलेंटाइन-डे को स्पेशल बनाने के लिए भी निगम ने विशेष छूट प्रदान करने की घोषणा की है। यह छूट होटलों में रह रहे कपल्स व बाहर से आने वाले कपल्स को भी प्रदान की जाएगी। यह छूट केवल एक दिन के लिए ही होगी।
     भाजपा और आरएसएस के कार्यकताओं ने वेलेंटाइन-डे पर दी जाने वाली छूट पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वह शुरू से ही वेलेंटाइन-डे का विरोध करते आ रहे हैं। ऐसे में हिमाचल सरकार का ऐसे दिन युवाओं को उक्साने के लिए होटलों में छूट दिया जाना निराशाजनक है।

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सैक्‍सी विडियो बनाकर ब्‍लैकमेल करने वाला चंबा से गिरफ्तार

आरोपी की उम्र मात्र करीब 19 साल निकली...

निजी संवाददाता

     शिमला : मोबाइल पर सैक्सी विडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले युवा को दिल्ली पुलिस ने चंबा से गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने एक नकली सीबीआई अधिकारी बनकर 4.84 लाख रुपए की ठगी करने के आरोपी को हिमाचल के चंबा से गिरफ्तार किया है।
     हैरानी इस बात की है कि आरोपी की पहचान अमित कुमार (19) निवासी छंबर के रूप में हुई है, जो हिमाचल के चंबा नगर से दूर एक गांव से सेक्सटॉशन के कार्य को अंजाम दे रहा था। हिमाचल प्रदेश के लोगों की यह गलतफहमी भी दूर हो गई है कि इस प्रकार की घटनाओं को बड़े शहरों के रैकेट अंजाम देते हैं लेकिन यह मामला तो हिमाचल के एक छोटे से गांव का निकला। दिल्ली पुलिस से प्राप्त जानकारी में पता चला है कि 12 अगस्त 2024 को द्वारका साइबर सेल में एक व्यक्ति ने सेक्सटॉर्शन की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने बताया कि उसे एक अनजान लड़की ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया, जिसमें कुछ सेकंड बातचीत के बाद कॉल कट गई।
     अगले दिन उसे एक व्हाट्सएप ऑडियो कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का विशेष अधिकारी गौरव मल्होत्रा बताया। आरोपी ने पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि वीडियो कॉल करने वाली लड़की ने आत्महत्या कर ली है और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही आरोपी ने लड़की का कथित अश्लील वीडियो और एंबुलेंस की तस्वीरें भी भेजीं। इसके बाद आरोपी ने कहा कि लड़की के परिजन समझौते के लिए 4.84 लाख रुपए बैंक खाते में डालने को कह रहे हैं।
     जांच के दौरान साइबर सेल ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच कर उसकी लोकेशन हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में पाई। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गांव में सड़क न होने के कारण पुलिस को आरोपी तक पहुंचने के लिए करीब एक घंटे तक पैदल चलना पड़ा। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आठवीं तक पढ़ा है और मजदूरी करता है। उसने ठगी के लिए केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में खाते खुलवाए थे। इस घटना से पूरा प्रदेश हैरान परेशान है।

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शिक्षकों पर भी ड्रेस कोड लगेगा

निजी संवाददाता

     शिमला : अब सरकारी स्कूल के अध्यापक भी ड्रेस में नजर आएंगे। हिमाचल भी स्कूलों में ड्रेस कोड लागू करने की तैयारी में है। शिक्षकों के लिए फार्मल ड्रेस यानी पैंट-शर्ट और शिक्षिकाओं के लिए साड़ी या साधारण सूट सलवार तय हो सकता है। देश के कई राज्यों में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू है। इसी तर्ज पर अब हिमाचल में भी यही व्यवस्था की जा सकती है।
     सचिव शिक्षा राकेश कंवर की उपनिदेशकों के साथ हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई थी। कहते हैं कि शिक्षक बच्चों के रोल माडल होते हैं। निर्धारित ड्रेस में वह अपने व्यवहार का विशेष ख्याल रखें। विभाग की ओर से जल्द ही इसको लेकर लिखित आदेश जारी किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में कार्यरत प्रधानाचार्यों ने पिछले वर्ष भी सरकार से शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने का आग्रह किया था।

 
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