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सोलन समाचार

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सिर्फ कबाड़घर बनकर रह गया है नगर निगम सोलन

डिप्‍टी मेयर को ही जरनल हाउस से वाकआउट करना पड़ा...

निजी संवाददाता

     सोलन : सोलन का नगर निगम अब सिर्फ कबाड़ घर बनकर रह गया है। यहां कबाड़ के अतिरिक्त कोई बात न कानून के अनुसार होती है और न ही भारत के संविधान के अनुसार। पिछले दिनों हुए नगर निगम के जरनल हाउस में जो मुद्दे उठाए गए वह हैरान कर देने वाले हैं।
     नगर निगम के जरनल हाउस में डिप्टी मेयर मीरा आनंद तक को मीटिंग से वाकआवट करना पड़ा, कहा जा सकता है कि यह लोकतंत्र की हत्या है। सभी जानते हैं कि बहुमत के आधार पर ही मीरा आनंद को नगर निगम का डिप्टी मेयर चुना गया है। वह बहुमत से किसी भी प्रस्ताव को पास करवाने के काबिल हैं, फिर ऐसी क्या मजबूरी आन पड़ी की डिप्टी मेयर को भी भाजपा के पार्षदों के साथ वाकआउट करते हुए बैठक से बाहर जाना पड़ा। भाजपा पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ ही गंभीर आरोप लगा दिए कि उनकी मिली भगत से नगर निगम को लाखों रुपए का नुक्सान हो रहा है। हाउस से हाई कोर्ट से नगर निगम के खिलाफ हुए फैसलों तक को छुपा दिया जाता है। अब सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम किस कानून से चल रहा है।
     बैठक में इस बात पर भी हंगामा हुआ कि पानी की दरों में जिस प्रकार 27 रुपए प्रति हजार पानी की दरों को 100 रुपए प्रति हजार कर दिया गया वह भी पूर्ण रूप से असंवैधानिक कार्य है। नगर निगम की मेयर उषा शर्मा पहले ही पेयजल वितरण को जल शक्ति विभाग को देने की पैरवी कर चुकी है। कहा जा सकता है कि नगर निगम का कार्य अब सिर्फ कचरा ढोने तक ही सीमित रह गया है। सोलन को नगर निगम बनाने की पैरवी करने वाले वाले भाजपा के पार्षद शैलेन्द्र गुप्ता अब नगर निगम की आयुक्त की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं लेकिन सोलन की जनता को यह नहीं बता रहे हैं कि नगर निगम आंदोलन चलाकर उन्होंने सोलन नगर का भला किया या बुरा।

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क्‍लॉक रूम की जगह खुल गई दुकान

परिवह विभाग की मिली भगत का अंदेशा...

निजी संवाददाता

     सोलन : सोलन नगर के बस अड्डे पर बने क्लॉक रूम में ही खानपान की दुकान खुल गई। लोगों को क्लॉक रूम के बिना आ रही परेशानियों की शिकायत परिवहन निगम के अधिकारियों को की गई लेकिन इन शिकायतों पर कोई असर नहीं हुआ। इस बस अड्डे पर बनी दुकानों का संचालन राज्य का परिवहन निगम कर रहा है।
     लोगों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की मिली भगत के चलते यहां क्लॉक रूम खोलने के लिए एक दुकान ली गई और क्लॉक रूम तो खुला नहीं वहां खानपान की दुकान खुल गई। जब अधिकारियों ने इस दुकान का निरीक्षण किया तो दुकान के बोर्ड पर लिखवा दिया गया कि यहां कोई क्लॉक रूम भी है। जबकि सभी जानते हैं कि क्लॉक रूम खोलने के लिए किस प्रकार का स्थान होना चाहिए और लोगों के सामान की गारंटी के लिए क्या क्या नियम और शर्तें होनी चाहिए।
     परिवहन निगम के अधिकारियों का यह दायित्व है कि क्लॉक रूम की सुविधा देने के लिए वह विभाग की ओर से किसी कर्मचारी को वहां तैनात करे न कि क्लॉक रूम के स्थान पर कोई दुकान खुलवा दे। लोगों ने यह भी बताया कि यहां क्लॉक रूम नाम की कोई चीज नहीं है सिर्फ दुकान के बोर्ड पर क्लॉक रूम लिख दिया गया है। लोग सरकारी शौचालय में अपना सामना रखकर चले जाते हैं। सोलन के जिला प्रशासन को मामले में दखल देते हुए नियमानुसार क्लॉक रूम की सेवा को बहाल करवाना चाहिए।

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गेमिंग एप पर करोड़पति बनने के चक्‍कर में बरबाद हो रहे हैं युवा

सोलन का एक युवा 30 लाख रुपए लुटा बैठा...

निजी संवाददाता

     सोलन : इंटरनेट में गेमिंग एप के जरिए करोड़पति बनने के चक्कर में सोलन के युवा बरबाद हो रहे हैं। घरों, बाजारों, कालेजों, कालेज के हॉस्टलों, रेस्तरां और यहां तक कि दफतरों में भी लोग गेमिंग एप के जरिए लाखों रुपए कमाने के चक्कर में लगे रहते हैं। बहुत से लोग युवाओं को इंटरनेट में गेमिंग एप के जरिए रुपए कमाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए भी देखे जा सकते हैं। लेकिन इसका अंत बुरा ही निकलता है।
     पिछले दिनों करोड़ों रुपए जीतने के लालच में सोलन के एक शख्स ने 30 लाख रुपये की रकम लुटवा दी। हलांकि इस एप के जरिए पहले उसने डेढ़ लाख रुपए जीते भी थे। इसके बाद वह साइबर ठगों के जाल में फंसता गया और लाखों की रकम गंवा दी। जब उसे ठगी का अहसास हुआ तब उसके घरवालों ने मामले की सूचना पुलिस के साइबर क्राइम विंग को दी।
     साइबर क्राइम विंग ने इस संबंध में केस दर्ज करके आगे की प्रक्रिया शुरू तो कर कर दी है। लेकिन गेमिंग एप का जुनून युवाओं में चढ़ता ही जा रहा है। साइबर क्राइम अधिकारियों ने फिलहाल गेमिंग एप के नाम पर होने वाली ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को ब्लॉक करवा दिया है। साइबर पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता ने पहले उन्होंने इसमें कुछ राशि डाली। इसके एवज में वह करीब डेढ़ लाख रुपये जीत गया। इसके बाद करोड़ों कमाने के लालच में वह लगातार और लाखों रुपए गंवाता चला गया।
     जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता ने गेमिंग एप में करीब 135 ट्रांजेक्शन के जरिए 30 लाख रुपए डाले हैं। साइबर क्राइम एक्सपर्ट के मुताबिक इस मामले के तार दूसरे देशों से जुड़े हो सकते हैं। गेमिंग एप के नाम पर कई एप चल रहे हैं, लोगों को लाखों कमाने के चक्कर में फंसते जा रहे हैं। साइबर क्राइम एक्सपर्ट के मुताबिक ठगी का अहसास होते ही फौरन इसकी शिकायत 1930 पर करें। जितना जल्दी आप शिकायत करेंगे, आपके पैसे रिकवर होने की भी उतनी ही उम्मीद है। हाल ही में सिरमौर में एक डॉक्टर से हुई 2.70 करोड़ रुपए की शिकायत में भी पुलिस ने करीब 40,00000 रुपये की रिकवरी कर ली है और अभी चार और पांच के खातों की जांच की जा रही है। इस तरह की रोज 400 से अधिक शिकायतें मिल रही हैं। साइबर क्राइम के एक्सपर्ट और डीआईजी मोहित चावला ने एक बार फिर कहा है कि इस तरह के गेमिंग एप से सतर्क रहें और सिर्फ जांच पड़ताल के बाद ही वैरिफाइड एप पर ही विश्वास करें।

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ललित चैंपियन बने

निजी संवाददाता

     सोलन : सोलन जिला पत्रकार संघ की बैडमिंटन प्रतियोगिता में अमर उजाला के ललित कश्यप ने चैंपियन होने का गौरव प्राप्त किया। जबकि युगल मुकाबले में ग्रास के संपादक संजय हिंदवान और उनके पार्टनर अमर उजाला के सोमदत्त ने विजेता होने का खिताब जीता।
     सोलन के बैडमिंटन हाल में हुई इस प्रतियोगिता में एकल मुकाबले में संजय हिंदवान उप विजेता रहे जबकि युगल मुकाबले में अनंत ज्ञान के मोहन चैहान और दैनिक भास्कर के पवन ठाकुर उप विजेता रहे। महिलाओं के एकल में पूनम शर्मा विजेता और भावना ओबराय उप-विजेता रही। हिमुडा के पूर्व सीइओ दिनेश कश्यप मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। पत्रकार एसोसिएशन के प्रधान विशाल वर्मा ने अतिथियों और वहां मौजूद लोगों का स्वागत किया।

 
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