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आरबीआई गवर्नर ने इकोनॉमी ग्रोथ का अनुमान लगाया है

आने वाले साल में आर्थिक सुधार की उम्‍मीद...

निजी संवाददाता

     शिमला : आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा का अनुमान है कि भारत की इकोनॉमी 6.7 फीसदी ग्रोथ दिखाएगी। केंद्रीय बैंक को वित्तवर्ष 2026 के लिए 6.75 फीसदी की रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान दिया है, जबकि 2025 के आर्थिक सर्वेक्षण में वित्तवर्ष 2025 के लिए 6.4 फीसदी की थोड़ी कम रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है, जो आरबीआई के दिसंबर के पूर्वानुमान से 20 बेसिस पॉइंट्स कम है।
     सर्वेक्षण ने यह भी सुझाव दिया कि वित्तवर्ष 2026 में रियल जीडीपी 6.3 फीसदी और 6.8 फीसदी के बीच बढ़ सकती है। पिछले वित्त वर्ष में 8.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के बाद चली वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में नरम विस्तार हो सकता है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, आगे चलकर आने वाले साल में आर्थिक गतिविधियों में और सुधार की उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक ने खाद्य वस्तुओं के दाम में नरमी की उम्मीद के बीच अगले वित्त वर्ष (2025-26) में खुदरा महंगाई दर 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया। वहीं चालू वित्त वर्ष 2025 में इसके 4.8 प्रतिशत के अनुमान को बरकरार रखा, जिसे आर्थिक स्थिति पर नियंत्रण की ओर बड़ा प्रयास बताया जा रहा है।
     आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की अंतिम द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की जानकारी देते हुए कहा कि आपूर्ति के मोर्चे पर किसी झटके की आशंका नहीं है। इसके साथ, खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने, जाड़े में सब्जियों के दाम में नरमी तथा रबी फसलों को लेकर अनुकूल संभावनाओं को देखते हुए खाद्य मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय कमी आनी चाहिए। आरबीआई गवर्नर कहा कि मुख्य (कोर) मुद्रास्फीति बढ़ने का अनुमान है, लेकिन यह मध्यम स्तर पर रहेगी।
     आरबीआई ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए बैंकों और नॉन-बैंकिंग कंपनियों को एक स्पेशल ‘डोमेन नेम’ दिया जाएगा। यह देश में सबसे गंभीर विषय है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक के बाद कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी में वृद्धि चिंता का विषय है। इसके लिए सभी को जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है।

 
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